निठारी कांड: 11 साल बाद पहली बार जेल पहुंचा दोषी मनिंदर सिंह पंढेर, सजा पर फैसला 24 को

नई दिल्ली। बहुचर्चित नोएडा के निठारी कांड में गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने पिंकी सरकार हत्याकांड में पंढेर और सुरेंद्र कोली को दोषी पाया। कोर्ट 24 जुलाई को सजा पर फैसला सुनाएगी। निठारी कांड दिसंबर 2006 में राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। निठारी कांड के एक अन्य मामले में कोली को फांसी की सजा मिल चुकी है लेकिन पंढेर अब तक जमानत पर बाहर था।

क्या है निठारी कांड

12 साल पहले 20 जून, 2005 को आठ साल की एक बच्ची ज्योति नोएडा के निठारी इलाके से अचानक गायब हो गई थी। इसके बाद से इस इलाके में लगातार बच्चे गायब होने लगे। एक साल तक लगातार बच्चों के गायब होने यह सिलसिला चलता रहा और करीब दर्जनभर बच्चे गायब हो गए। मामला राष्ट्रीय स्तर पर आने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में सर्च आॅपरेशन चलाया।

7 मई 2006 को 21 साल की लड़की पायल जब गायब हुई तो पुलिस को अहम सुराग उसके मोबाइल से मिला। पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। उसके बाद जब उसमे से एक नंबर पर कॉल की गई तो उसका नाम मनिंदर सिंह पंढेर का था। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पंढेर और उसके नौकर कोली को गिरफ्तार कर लिया था।

इसके बाद पूरे निठारी मामले का खुलासा हुआ था, जिसमें ज्योति, पुष्पा विश्वास, नंदा देवी, पायल, रचना, हर्ष, कुमारी निशा, रिम्पा हलधर, सतेंद्र, दीपाली, आरती, पायल, पिंकी सरकार, अंजली, सोनी, शेख रजा खान और बीना का रेप किया गया था। रेप के बाद उन्हें मारकर पंढेर के घर में दफन कर दिया गया था